➤ हिमाचल के कई शहरों में तापमान सामान्य से 14 डिग्री तक ज्यादा
➤ 7 शहरों में पारा 30 डिग्री पार, सुंदरनगर और नेरी सबसे गर्म
➤ 7 मार्च से सक्रिय होगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस, बारिश-बर्फबारी का अलर्ट
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मार्च की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में अचानक बड़ा उछाल दर्ज किया गया है, जिससे मार्च के पहले सप्ताह में ही अप्रैल जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। कई शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य से 14 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रिकॉर्ड किया गया है।
ऊंचाई वाले क्षेत्र कल्पा में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 13.4 डिग्री अधिक बढ़कर 22.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मार्च के पहले सप्ताह में कल्पा में इतना अधिक तापमान पहले कभी दर्ज नहीं किया गया। हालांकि 20 मार्च 2010 को यहां का रिकॉर्ड तापमान 24.4 डिग्री रहा है।
राजधानी शिमला में भी तापमान में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 8.9 डिग्री ज्यादा होकर 24.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मार्च के शुरुआती दिनों में शिमला में इतना अधिक तापमान पहले रिकॉर्ड नहीं हुआ था।
पर्यटन नगरी मनाली में भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 9.6 डिग्री ज्यादा बढ़कर 24.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रदेश के कई अन्य शहरों में भी पारे में तेज उछाल दर्ज किया गया है।
बीते 24 घंटों के दौरान सुंदरनगर और नेरी में सबसे अधिक 32.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इस तरह बुधवार को इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। प्रदेश के कुल 7 शहरों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।
मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगी। 7 मार्च से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर लगभग चार दिन तक प्रदेश में देखने को मिलेगा।
7 और 8 मार्च को इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कमजोर रहेगा और इस दौरान लाहौल-स्पीति, किन्नौर, चंबा और कुल्लू के ऊंचे इलाकों में ही मौसम खराब रहने की संभावना है।
वहीं 9 और 10 मार्च को यह सिस्टम थोड़ा मजबूत हो सकता है। विशेष रूप से 10 मार्च को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्का हिमपात होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद तापमान में भी कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है।
प्रदेश के किसान, बागवान और पर्यटन कारोबारी लंबे समय से बारिश और बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। जनवरी के अंत में अच्छी बारिश और हिमपात जरूर हुआ था, लेकिन फरवरी में लगभग सूखे जैसे हालात बने रहे। ऐसे में आने वाले दिनों में संभावित बारिश और बर्फबारी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।



